Saturday, January 10, 2015

माँ !

नन्ही सी जान ने आज माँ केहेना सिखा है 
इसका प्यार और मतलब आज उसने जाना है। 

जब में इस दुनिया मे आया माँ तब क्यों रोई थी 
तब मेरे लिये बस वो गिला सा कुछ था 
आज जाकर एहसास हुआ वो आंसू थे 
माँ के आसुओ मे मेरे लिये कुछ अनमोल सपने थे 


नन्ही सी जान ने आज माँ केहेना सिखा है 
इसका प्यार और मतलब आज उसने जाना है। 

जब मुझे एक एक निवाला खिलाती थी 
हर पल मेरा ही हाथ थामे थी 
अच्छी चीझो मे हर वक़्त साथ देती और 
जब में गलती करू, तो बडे ही लाड-प्यार से सुधारती थी 

नन्ही सी जान ने आज माँ केहेना सिखा है 
इसका प्यार और मतलब आज उसने जाना है। 

माँ ने मुझे सांस लेना सिखाया, चलना सिखाया, 
बात करना सिखाया है 
आज उसकी खातीर, जिंदगी जिने का पेहलू 
समझ  आया  

नन्ही सी जान ने आज माँ केहेना सिखा है 
इसका प्यार और मतलब आज उसने जाना है

ख्वाबों को कैसा पाना?, मेहनत घोर निष्ठा से पाना 
असफलता को स्वीकार करना, और आगे बढकर 
फिर लक्ष कि और बढना, ख्वाबों को अपने दिल मे बसाना 
येही माँ से सिखा है 

नन्ही सी जान ने आज माँ केहेना सिखा है 
इसका प्यार और मतलब आज उसने जाना है